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गाड़ी का बिल कैसे बनाएं: कार बिल फॉर्मेट और फ्री टेम्पलेट

By Bill My Car · Updated 25 June 2026 · 2 min read

Gaadi Ka Bill Kaise Banaye | Bill My Car

गाड़ी बेचते समय सबसे जरूरी दस्तावेज है गाड़ी का बिल। इसमें गाड़ी, खरीदार और कीमत की पूरी जानकारी होती है। चाहे आप इसे कार बिल कहें, इनवॉइस कहें या कैश मेमो, सही फॉर्मेट सबसे जरूरी है।

इस गाइड में जानिए गाड़ी का बिल कैसे बनाएं, सही फॉर्मेट क्या है, और एक फ्री टेम्पलेट।

गाड़ी के बिल में क्या-क्या होना चाहिए

विक्रेता (बेचने वाले) की जानकारी

खरीदार की जानकारी

गाड़ी की जानकारी

बिक्री की जानकारी

चेसिस और इंजन नंबर जरूर भरें। यही नंबर Form 29 और Form 30 में लगते हैं, इसलिए बिल में एक बार भरने से बाद में दोबारा टाइप नहीं करना पड़ता।

GST बिल और कैश बिल में फर्क

GST बिल कैश बिल
कौन बनाता है GST रजिस्टर्ड डीलर प्राइवेट विक्रेता / बिना रजिस्ट्रेशन
टैक्स CGST + SGST (मार्जिन पर) कोई टैक्स नहीं

ज्यादातर डीलर मार्जिन स्कीम में बिल बनाते हैं, जहाँ सिर्फ मुनाफे पर GST लगता है। विस्तार से पढ़ें: पुरानी कारों पर GST और कार इनवॉइस फॉर्मेट

फ्री टेम्पलेट

[डीलर का नाम, पता, GSTIN/PAN]      बिल नंबर: ____   तारीख: ____

खरीदार: नाम, पता, फोन

गाड़ी: रजिस्ट्रेशन | मेक/मॉडल | साल | चेसिस | इंजन | KM

रकम: कीमत (GST बिल में CGST/SGST)
भुगतान: मिली ____  बाकी ____

विक्रेता के हस्ताक्षर ____   खरीदार के हस्ताक्षर ____

ऑनलाइन गाड़ी का बिल बनाएं

हाथ से हर बिल बनाना धीमा है और जानकारी बाकी दस्तावेजों में काम नहीं आती। आसान तरीका:

  1. खरीदार और गाड़ी की जानकारी एक बार भरें।
  2. GST या नॉन-GST चुनें।
  3. प्रिंट के लिए तैयार बिल डाउनलोड करें।

वही जानकारी आपके सेल लेटर और RTO फॉर्म में अपने आप चली जाती है। यही Bill My Car का काम है: एक बार भरें, सब दस्तावेज तैयार।

एक मिनट में गाड़ी का बिल बनाएं

Bill My Car turns one invoice into GST & non-GST bills, sale letters, Form 29, Form 30 and delivery notes, auto-filled and ready to download. Built for Indian used-car dealers.

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Frequently asked questions

गाड़ी का बिल कैसे बनाएं?

बेचने वाले, खरीदार, गाड़ी और कीमत की जानकारी एक बार भरें और प्रिंट के लिए तैयार बिल डाउनलोड करें। Bill My Car में एक बार जानकारी भरने पर बिल, सेल लेटर और RTO फॉर्म अपने आप बन जाते हैं।

क्या गाड़ी का बिल बनाना जरूरी है?

हाँ। बिल इस बात का सबूत है कि गाड़ी किसको, कितने में और किस तारीख को बेची गई। यह खरीदार और विक्रेता दोनों की सुरक्षा करता है और RTO ट्रांसफर में काम आता है।

क्या GST जरूरी है?

केवल GST रजिस्टर्ड डीलर GST लगाते हैं, और ज्यादातर मार्जिन स्कीम में सिर्फ मुनाफे पर GST लगता है। प्राइवेट विक्रेता या बिना रजिस्ट्रेशन वाला डीलर नॉन-GST कैश बिल देता है।

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